अमेरिका पाक से खफा फंड देने के लिए रखी कड़ी शर्ते

अमेरिका पाक से खफा फंड देने के लिए रखी कड़ी शर्ते

by Preeti Chaudhary

पाकिस्तान पूरी दुनिया में आतंकवादियों को पनाह देने व आतंकवाद को बढ़ावा देने के मामले में बदनाम हो चुका है जिसका विरोध विश्व स्तर पर किया जा रहा है। पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ने व रक्षा के नाम पर अमेरिका जैसे विकसित देशों से अरबों की फंडिंग प्राप्त करता आया है, आतंकवादियों से निपटने की वजाय आतंकवाद को बढ़ावा देने की नीति अब पाकिस्तान के लिए ही भारी पड़ती जा रही है ।अमेरिका से मिलने वाले फंड का पाकिस्तान ने हमेशा से दुरुपयोग किया है परंतु अब अमेरिका ने पाकिस्तान को देने वाले फंड पर अपना नजरिया साफ कर दिया है, अमेरिका ने यह शर्त रखी है कि अब पाकिस्तान को वित्तीय मदद तभी प्रदान की जाएगी जब पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्यवाही करेगा इस क्षेत्र में संतोषजनक प्रगति दिखाई देने पर ही पाकिस्तान की वित्तीय सहायता की जाएगी।

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तीन विधाई संशोधन सदन में पारित-

अमेरिका ने पाकिस्तान को डिफेंस फंडिंग उपलब्ध कराए जाने के मामले में अपना रुख साफ कर दिया है तथा 651 अरब डॉलर वाले नेशनल डिफेंस अथाॅराइजेशन एक्ट 2018 में सभी तीन विधायी संशोधनों को कांग्रेस के निचले सदन द्वारा शुक्रवार को पारित कर दिया गया है। इस विधेयक पर सख्त रवैया अपनाते हुए अमेरिका ने कहा है कि अब रक्षा मंत्री का यह कार्य होगा कि पाकिस्तान को कोई भी वित्तीय सहायता देने से पहले वह यह प्रमाणित करें कि पाकिस्तान ग्राउंड लाइंस ऑफ कम्युनिकेशन पर सुरक्षा बनाए रखता है या नहीं, इस विधेयक को 81 के मुकाबले 344 मतों से पारित किया गया है।

image source: navbharat times

अमेरिकी रक्षा मंत्री को पाकिस्तान का इरादा प्रमाणित करना होगा-

अमेरिकी रक्षा मंत्री को अब यह भी प्रमाणित करना होगा कि अमेरिका द्वारा घोषित किसी भी आतंकवादी को पाकिस्तान शरण प्रदान तो नहीं कर रहा है साथ ही वित्तीय, सैन्य या अन्य कोई सहायता आतंकवाद को बढ़ाने के लिए प्रदान तो नहीं की जा रही है।

पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हक्कानी संप्रदाय का दबदबा है जिन्हें पाकिस्तान से मदद मिलती रहती है परंतु अब पाकिस्तान को यह प्रमाणित करना होगा कि वह हक्कानी नेटवर्क तथा अन्य आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने में अफगानिस्तान सरकार का साथ दे रहा है।

रहमतुल्ला नबील के द्वारा खुफिया दस्तावेजों का खुलासा किया गया है जिससे पता चला है कि पाकिस्तान अमेरिका से मिलने वाली वित्तीय सहायता जो कि रक्षा व आतंकवाद के नाम पर प्राप्त करता है का उपयोग ISIS आतंकवादी संगठन को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है। रहमतुल्लाह अफगान जासूस एजेंसी का प्रमुख है, इसीलिए अब पाकिस्तान को मिलने वाली वित्तीय सहायता पर तब तक रोक लगी रहेगी जब तक कि वह आतंकवादियों के खिलाफ कार्यवाही के प्रमाणों को पेश नहीं कर देता।


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