अमेरिका ने पाक को ठहराया आतंकवादियों का पनाहगार

अमेरिका ने पाक को ठहराया आतंकवादियों का पनाहगार अमेरिका ने पाक को ठहराया आतंकवादियों का पनाहगार

by Preeti Chaudhary

कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए रक्षा व आतंकवादियों से सुरक्षा के नाम पर मिलने वाले फंड की शर्तों को कड़ा कर दिया था। कल एक बार फिर पाकिस्तान को अमेरिका की तरफ से एक और झटका मिल गया है अमेरिका द्वारा जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट में पाकिस्तान को आतंकवादियों का पनाहगाह (शरण देने वाला देश) घोषित किया है। अमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठन आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने का कार्य करते हैं तथा खुलेआम चंदा इकट्ठा करते हैं पाकिस्तानी आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करता।

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट

"कंट्री रिपोर्ट ऑन टेररिज्म" अमेरिका की वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए एक सुरक्षित स्थान है यहां न केवल आतंकवादियों को पनाह दी जाती है बल्कि प्रशिक्षण भी दिया जाता है आतंकवादी संगठनों को पनाह देने तथा उनके खिलाफ कोई कार्यवाही ना करने से अफगानिस्तान में अमेरिका के हित प्रभावित हो रहे हैं, इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2016 में पाकिस्तान से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे खूंखार आतंकवादी संगठनों ने आतंक मचाने के साथ-साथ अपने संगठनों को खड़ा किया और उन्हें चलाने के लिए चंदा इकट्ठा किया।

पाकिस्तान ने नहीं की कोई कार्यवाही

अमेरिका द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट में पाकिस्तान पर आरोप लगाया गया है कि वह आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करता पाकिस्तानी सेना व सुरक्षा बलों ने केवल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे संगठनों के खिलाफ कार्यवाही की जो उनके देश में हमले करते हैं, जबकि अफगानिस्तान तालिबान हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ पाकिस्तान ने कोई कार्यवाही नहीं की इसके पीछे पाकिस्तान की मंशा साफ जाहिर होती है कि वह अफगानिस्तान में अमेरिकी हितों को खतरे में डालने की कोशिश करता रहता है। पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध है उसके बावजूद उसके सहयोगी संगठन जमात-उद-दावा और फतेह-ए-इंसानियत फाउंडेशन खुलेआम चंदा इकट्ठा करते हैं तथा बड़ी बड़ी रैलियां करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी आतंकवाद के मुद्दों को विश्व स्तर पर उठा चुके हैं

अमेरिका की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत लगातार आतंकवाद से पीड़ित है तथा कई बार भारत पाकिस्तान-हिन्दुस्तान बॉर्डर पर पाकिस्तान द्वारा घुसपैठ व सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगा चुका है, इस रिपोर्ट में पठानकोट हमले का जिक्र करते हुए कहा गया है इस हमले में जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी संगठन का हाथ था। इस हमले के बाद भारत अमेरिका से मदद मांग चुका है तथा इस हमले की जानकारी भी दे चुका है।


प्रधानमंत्री मोदी कई बार विश्व स्तर पर होने वाली वार्ता को सम्मेलनों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए सभी विकसित देशों से आह्वान कर चुके हैं, भारत द्वारा आतंकी गतिविधियों की जानकारी यूनाइटेड नेशंस में भी दी गई थी जिसके बाद यूएन ने हाफिज सईद जैसे खूंखार आतंकवादी को इंटरनेशनल आतंकी घोषित कर दिया था तथा किसी भी देश द्वारा उसे सुरक्षा और पनाह न देने के लिए कड़े निर्देश दे दिए


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